Latest Hindi Shayari Ki Dayri (शायरी की डायरी)

नमस्कार दोस्तो स्वागत है आपकी hdwallpapers-free.com की साइट पे. आज मै आप के लिए कुछ बहुत बढ़िया सा चीज शेयर करनेवाले हुँ (Shayri Ki Dayri)… क्या आपने कभी किसीके यादों मैं डायरी लिखी है? मैंने देखा है बोहोत से लोगो को डायरी लिखने की आदत होती है … अपने ज़िंदगी की सारी कही-अनकही बाते वो उस डायरी के पन्नो के हवाले कर देते है … यह डायरी उनके ख़ुशी मैं सजायी भी होती है … और गमों के पल मै समायी भी होती है… यह एक रास्ता है उनके खुद से जा मिलने का … उनके दिल के अंदर जहां कभी कभी वो खुद भी नहीं पोहोच पाते यह डायरी जरिया बनती है … हम सब हमारे ज़िन्दगी मैं डायरी लिखते है… हमारे दिल के अंदर … जो बातें हम किसीसे नहीं कहते … खुदसे कहते है … यह भी एक ऐसीही डायरी है … किसीके यादों से भरी हुई… (शायरी की डायरी)…


Top Best Hindi Shayari Ki Dayri 


Best Hindi Shayari Ki Dayri (शायरी की डायरी)

Diary Likhta Hu... Shayri Ki Dayri

कभी हस्ता हु मैं, कभी मैं रोता हु…
तेरे यादों से मैं अक्सर लुका-छुपी खेलता हू…
तेरे जुबान से निकले लफ्ज़ो को मैं शायरी कहता हु…
तेरे यादों मैं – मैं अक्सर डायरी लिखता हु …

Kabhi Hasta Hu Main, Kabhi Main Rota Hu…
Tere Yaadon Se Main Aksar Luka-Chuppi Khelta Hu…
Tere Juban Se Nikale Lafzo Ko Main Sayri Kehta Hu…
Tere Yaadon Main – Main Aksar Diary Likhta Hu …


Dua Mangta Hu... Sayari Ki Dayri

कुछ नज़्म तेरे हुस्न पे निसार करता हूँ …
कुछ तेरे काले जुल्फो के नाम करता हु …
किसी पन्ने पर तेरे उदासी का भी जिक्र है … हर बार उसे पढ़ कर मैं रब से दुआ मांगता हु …

Kuch Nazm Tere Husn Pe Nisar Karta Hu …
Kuch Tere Kale Julfo Ke Naam Karta Hu …
Kisi Panno Par Tere Udasi Ka Bhi Jikra Hai …
Har Baar Use Padh Kar Main Rab Se Dua Mangta Hu …


Kuch Nazm... Shayari Ki Dayri

हर एक पन्ने पर तुझे छूने की कोशिश करता हु …
ख्यालों मैं अक्सर तुझसे मुलाकात करता हु …
तेरा नाम आज भी सबसे छुपा कर रखता हु …
अकेले मैं जब होता हूँ … आंसुओ से मिल आता हु …

Har Ek Panne Par Tuje Chune Ki Koshish Karta Hu …
Khayalon Main Aksar Tujse Mulakaat Karta Hu …
Tera Naam Aaj Bhi Sabse Chupa Kar Rakhata Hu …
Akele Main Jab Hota Hu … Asuo Se Mil Ata Hu …


Teri Najaro Se... Sayri Ki Dayri

तेरी नजरों से नजर मिलाए एक-अरसा बीत गया …
तेरे मेरे घर के बीच मे कोहरा सा छा गया …
तू सामने है मेरे … पर मैं देख नहीं सकता …
तेरा हाथ जो किसी और के हाथों से मिल गया …

Teri Najaro Se Najar Milaye Yak-Arsa Beet Gaya …
Tere Mere Ghar Ke Beech Mai Kohra Sa Cha Gaya …
Tu Saamne Hai Mere … Par Main Dekh Nahi Sakta …
Tera Haath Jo Kisi Aur Ke Haatho Se Mill Gaya …


Aaj Bhi...  Shayri Ki Dayri

आज भी तेरी खुश्बू हवाएं ले आती है …
कितनी बार इनसे कहो ये पता भूल जाती है …
दर्द सा डिल मै तेरे यादों के साथ आता है …
लिखते लिखते मेरे आँखों को पानी दे जाता है …

Aaj Bhi Teri Khushboo Hawaye Le Aati Hai …
Kitni Baar Innse Kahoo Ye Pata Bhool Jaati Hai …
Dard Sa Dill Main Tere Yaadon Ke Sath Aata Hai …
Likhate Likhate Mere Aankho Ko Paani De Jata Hai …


Vakt Ki Sajish... Shayari Ki Dayri

कैसे समझाऊं इन्हे अब यह तो वक़्त की साजिश है …
तेरे मेरे बीच के फासलों की गहराई ज्यादा है …
जो आवाज तुज-तक कभी पोहोच नहीं सकती …
इन् कागज़ो के महलों मे समां जाती है …
कभी हस्ता हु मै … कभी मै रोता हु …
तेरे यादों मे …मै अक्सर डायरी लिखता हु …

Kaise Samjhau Inhe Ab Yeh To Vakt Ki Saajish Hai …
Tere Mere Beech Ke Faaslo Ki Geherayi Jyada hai …
Jo Aavaj Tuj-Tak Kabhi Pohoch Nahi Sakti …
Inn Kaagzo Ke Mehlon Main Sama Jaati Hai …
Kabhi Hasta Hu Main … Kabhi Main Rota Hu …
Tere Yaadon Main …Main Aksar Diary Likhta Hu …


Also Read :










दोस्तों हमारे Shayari Ki Dayri तुमे ज्यादा पसंद हुवा होगी अगर पसंद हुवा तो निचे Comment करना मत बोलना. दोस्तों ऐसे ही हमारी साडी पोस्ट को प्यार देते रही है हम आप केलिए और अछेसे पोस्ट लिक्टेरहेंगे. आप हमारी आर्टिकल पढ़ना और देकना चाहते तो आप निचे दिए हुवा Categori पे डेक्सकते. हमारी साइट पे आनेकेलिए और देकने केलिए बोहुति दंन्यवाद...

Post a Comment

Previous Post Next Post